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हिन्दू धर्म के ये 7 मिथक जिन्हें दुनिया सच मानती है | 7 myths about Hinduism



मिथक और हिन्दू धर्म :

आमतौर पर दुनिया भर के लोगो में हिन्दू धर्म को लेके वैचारिक मतभेद रहते हैं | जहाँ एक तरफ हिन्दू धर्म के बाद आये धर्मों के ज्यादा अनुयायी हैं वही दूसरी तरफ सिर्फ एशिया भर में ही फैले होने के बाद भी हिन्दू धर्म विश्व का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है | लोगों में  हिन्दू धर्म को लेके कई असमानतायें है जिसकी वजह से विश्व के बाकी लोग हिन्दू धर्म को बहुत ही जटिल समझते है | आइये हम उन लोगों के सारे मिथक तोड़ दे जिसकी वजह से हिन्दू धर्म को आये दिन आलोचनाएँ झेलनी पड़ती हैं |


1. मिथक :

हिन्दू धर्म में 33 करोड़ देवी देवता है |
सत्य :
दरअसल हिन्दू धर्म में यह मान्यता है की परमेश्वर की सिर्फ एक ही सत्ता है जिसे हर कोई कभी नहीं समझ सकता इसीलिए हिन्दू धर्म सनातन कहा जाता है क्योंकि वो अपने सभी अनुयायीयो को ये सहजता प्रदान करता है जिससे वो किसी भी देवी देवता को अपनी श्रद्धा के अनुसार पूज सके |

2. मिथक :

हिन्दू मूर्ति पूजा करते है |
सत्य :
जहाँ एक तरफ सभी को ऐसा लगता है की हिन्दू सिर्फ मूर्ति पूजा में विश्वास रखते है वही उसके पीछे का सत्य ये है की हिन्दू भगवान के भौतिक रूप को पूजने में विश्वास रखता है ताकि वो प्रार्थना करते समय उनपर ध्यान केन्द्रित कर सके |

3. मिथक :

हिन्दू गाय की पूजा करते है |
सत्य :
हिन्दू कभी भी गाय की प्रार्थना नहीं करते न ही उनका भजन करते हैं पर वो गाय को माँ का दर्जा देते हैं जिसकी वजह से वो गाय को सृष्टि की सारी खाद्य सामग्री की जननी मानते हैं | ये उनका पशुओं के प्रति प्रेम का भव्य उदाहरण है |

4. मिथक :

सारे हिन्दू शाकाहारी होते है |
सत्य :
दुनिया में जहाँ सबको ये लगता है हिन्दू सिर्फ शाकाहारी ही होते है वहीँ आंकड़े कुछ और ही दर्शाते है | हिन्दुओं की कुल आबादी में से सिर्फ 30 प्रतिशत हिन्दू ही शाकाहारी है | चूंकि हिन्दू धर्म की जड़ें अहिंसा से होकर गुजरती हैं इसीलिए वो किसी भी जीवित शरीर पे हिंसा में विश्वास नहीं रखते | इसी वजह से सभी हिन्दू शाकाहारी होते है ऐसी धारणा बनी |

5. मिथक :

हिंदुत्व जात-पात वाली वर्ण व्यवस्था का समर्थन करता है |
सत्य :
हिन्दू धर्म में यह साफ़-साफ़ वेदों और पुराणों में अंकित हैं की केवल कर्म के आधार पर मानव का वर्गीकरण होना चाहिए | परन्तु पौराणिक काल से चली आ रही पदानुक्रम सभ्यता ने इस बात को ठुकरा कर इसे हमेशा के लिए जातिगत बना दिया |

6. मिथक :

हिन्दू धर्म में स्त्री को पुरुष के अधीन रखा जाता है |
सत्य :
विश्व में फैले बाकि धर्म जैसे इस्लाम, इसाई और अन्य धर्मों में से किसी भी धर्म में एक स्त्री को देवी के रूप में नहीं पूजा जाता | जबकि हिन्दू धर्म ही ऐसा एकलौता धर्म है जहाँ एक स्त्री की तुलना देवी से की गयी है | इसके बावजूद भी ऐसे मिथक हमारे देश में व्याप्त है | पर इसकी असली वजह पित्रसत्ता है |

7. मिथक :

बिंदी लगाने वाली कोई भी हिन्दू स्त्री विवाहित होती है |
सत्य :
ये कथन आज के समाज में मिथक साबित हो जाता है, क्योंकि आज की नारी सौंदर्य प्रसाधन में सबसे पहले बिंदी को ही तरहीज देती है |



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