Hinduism

काशी का वो कोतवाल जिसके सामने माथा टेककर नेता मुख्यमंत्री बन जाते हैं | The famous Kaal Bhairav temple of Varanasi



गंगा तट पर बसे काशी में भोलेनाथ के बाद यदि किसी का महत्व है, तो वो हैं काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव। ऐसी मान्यता है कि बाबा विश्वनाथ के इस शहर में रहने के लिए बाबा काल भैरव की इजाजत लेना जरूरी है। वही इस शहर के प्रशासनिक अधिकारी हैं। इसीलिए उन्हें 'काशी का कोतवाल' कहा जाता है। बाबा काल भैरव का प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर शहर के मैदागिन क्षेत्र में स्थित है। भगवान शंकर की इस नगरी में उनके बाद बाबा काल भैरव का ही सबसे बड़ा स्थान है। बाबा विश्वनाथ इस शहर के राजा हैं और बाबा काल भैरव इस शहर के सेनापति हैं। यहां उनकी मर्जी चलती है, क्योंकि वही शहर की पूरी व्यवस्था संभालते हैं।

काल भैरव को यहीं मिली थी मुक्ति :

महंत विजय पूरी ने बताया कि पुराणों में उल्लेख मिलता है कि ब्रह्मा ने पंचमुखी के एक मुख से शिव निंदा की थी। इससे नाराज काल भैरव ने ब्रह्मा का मुख ही अपने नाख़ून से काट दिया था। काल भैरव के नाख़ून में ब्रह्मा के मुख का अंश चिपका रह गया था, जो हट नहीं रहा था। भैरव ने परेशान होकर सारे लोकों की यात्रा कर ली, मगर ब्रह्म हत्या से मुक्ति नहीं मिली। तब भगवान विष्णु ने काल भैरव को काशी भेजा। यहां पहुंचकर उन्हें ब्रह्म हत्या के दोष से मुक्ति मिली और उसके बाद वे यहीं स्थापित हो गए।

काल भैरव ही तय करते हैं सजा :


बाबा काल भैरव ही काशी में इंसानों को गलती करने पर सजा देते हैं। यमराज को भी यहां के इंसानों को दंड देने का अधिकार नहीं है। बाबा विश्वनाथ राजा हैं और काल भैरव उनके कोतवाल, जो लोगों को आशीर्वाद भी देते हैं और सजा भी। उनके मुताबिक, काल भैरव के दर्शन मात्र से शनि की साढ़े साती, अढ़ैया और शनि दंड से बचा जा सकता है। बाबा को सरसों के तेल का दीपक, उरद की दाल का बड़ा ,बेसन के लड्डू और मदिरा बेहद पसंद है।

चार बार होती है आरती :


बाबा काल भैरव मंदिर में रोज 4 बार आरती होती है, जिसमें रात की शयन आरती सबसे प्रमुख है। आरती से पहले बाबा को स्नान कराकर उनका श्रृंगार किया जाता है, लेकिन उस दौरान पुजारी के अलावा किसी और को मंदिर के अंदर जाने की इजाजत नहीं होती है। बाबा की पूजा का तरीका भी बेहद साधारण है। बाबा को सरसों का तेल चढ़ता है। उनके पास एक अखंड दीप हमेशा जलता रहता है। भक्त उसमें तेल डालते हैं, इससे वो पाप मुक्त हो जाते हैं और भय दूर हो जाता है।



About Pawan Upadhyaya

MangalMurti.in. Powered by Blogger.