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नवरात्र में ये टोटके किये या नहीं ? | Have you tried these methods in Navratra?



नवरात्र के टोटके :

नवरात्र के दिनों में माँ दुर्गा की भक्ति आराधना के अलावा भी ऐसे कई तरीके है जिससे हम अपने जीवन में सुख समृधि पा सकते है | आमतौर पर हम इन तरीकों को टोटके के नाम से जानते है | हमारे भारतवर्ष में अन्धविश्वास की वजह से टोटकों का प्रयोग बंद सा हो गया | परन्तु टोटका करना पुर्णतः अन्धविश्वास का प्रतीक नहीं | तो आइये आपको आज हम बताते है कुछ खास टोटके जो सिर्फ नवरात्र के समय कारगर होते हैं |

1. धन लाभ के लिए :

नवरात्र के दौरान नौ में से किसी भी एक दिन मंदिर वाले कमरे या फिर जिस कमरे में कलश स्थापित है अथवा इन दोनों विकल्पों की अनुपस्तिथि में किसी एक शांत कमरे में उत्तर दिशा की ओर मुख करके एक पीले आसन पर विराजमान हो जाये | तत्पश्चात अपने सामने तेल के नौ दीपक जला ले जो आपके पूरे साधनाकाल तक जलने चाहिए |


अब इन नौ दीपको के सामने लाल चावल की ढेरी बना ले और उसके ऊपर श्री यन्त्र रख ले | अब इस यन्त्र पर कुमकुम, फूल और धूप चढ़ाये | पूरी साधना के बाद आप इस श्री यन्त्र को घर के किसी भी भाग में स्थापित कर दें और बाकी बची सामग्री को नदी में प्रवाहित कर दें | ऐसा करने से आपको अतिशीघ्र धन लाभ होगा |

2.इंटरव्यू मे सफलता हेतु :

नवरात्र के दौरान किसी भी एक दिन प्रातः स्नान करके आप पूजा करने वाले कमरे में एक सफ़ेद रंग की सूती आसन बिछाकर पूर्व दिशा में मुंह करके बैठे | फिर अपने सामने एक पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उसपर 108 मानकों की रुद्राक्ष की माला रख दे | अब आप उस माला को धूप दीप दिखायें और फर उस माला में 108 बार देवी का आवाहन करें | तत्पश्चात आप उस माला को पहन ले या फर उसे लेकर इंटरव्यू देने जाये | शत-प्रतिशत लाभ मिलेगा |


3. धनी बनने के लिये:

नवरात्र के दौरान प्रत्येक दिन आप पीपल के पत्ते पर रोरी और चन्दन से राम का नाम लिखकर और उसके साथ कुछ मीठा रखकर भगवान हनुमान के सामने अर्पण करें | ऐसा प्रत्येक दिन करने से भगवान् हनुमान प्रसन्न होते है और यथा शीघ्र आपके घर को धन-धान्य से भर देते हैं |

4. घर में धन संचय का उपाय:

नवरात्रि में किसी भी दिन सुबह जल्दी ही स्नान कर किसी साफ कपड़े में मोती शंख को रखें। इस पर केसर से स्वस्तिक का चिन्ह बना दें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का स्फटिक माला से 108 बार जप करें-

"श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:"

हर मंत्र जाप के साथ एक-एक चावल इस शंख में डालते जाएं। ध्यान रखें कि चावल टूटे हुए न हों। लगातार नौ दिनों तक इस प्रयोग को करें। 




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