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सिन्दूर का सुहाग और साइंस के साथ का रिश्ता क्या पता है आपको ? | Why do Indian married women put sindoor ?



हिन्दू धर्म में किसी भी विवाहित स्त्री का मांग में सिन्दूर भरना एक बहुत ही पवित्र और उस स्त्री के लिए गौरवान्वित होने की वजह है | हम अपने आस पास हर उस स्त्री की मांग में सिन्दूर पसरा पाते है जो की विवाहित है और हिन्दू धर्म की सदियों से चली आ रही परम्परा का भली भांति अनुसरण कर रही है | कितने लोगों का ये भी मत है की ये परंपरा निहायती रूढ़िवादी है और इसका सिवाय किसी स्त्री को विवाहित दर्शाने के और कोई भी अर्थ नहीं है | पर आज हम आपको विवाहित स्त्रीयों के मांग में सिन्दूर भरने का पारंपरिक और वैज्ञानिक कारण बताएँगे |

पौराणिक मान्यता :

हिन्दू धर्म की पौराणिक कहानियों में सिन्दूर की शक्ति का वर्णन कई बार किया गया है | आज हम आपको 2 कथाये बताएँगे जो इस बात की सूचक हैं की मांग में सिन्दूर भरने के पीछे क्या कारण है |

१. रामायण में इस बात का उल्लेख बहुत ही साफ़ साफ़ शब्दों में किया गया है की जब भगवान् श्री राम सुग्रीव की सहायता करने हेतु बाली का वध करने गए थे तब तो दोनों के एक से चेहरे होने की वजह से भ्रमित हो गये थे और पहले दिन बाली का वध नहीं कर पाए थे | दरअसल इसके पीछे का कारण बाली की पत्नी तारा थी |


तारा एक पतिव्रता स्त्री थी और उन्होंने उस समय अपनी मांग में सिन्दूर भरा हुआ था जिस वजह से भगवान श्री राम बाली का वध कर पाने में असमर्थ थे | अगले दिन जब युद्ध में श्री राम ने बाली का वध किया तब तारा स्नान कर रही थी और तब उनकी मांग में सिन्दूर नहीं था | ये कथा इस बात को सिद्ध करती है की मांग में सिन्दूर भरने से विवाहित स्त्रीयां अपने सुहाग की रक्षा करती हैं |

२. रामायण में एक  प्रसंग आता है, जिसमे माता सीता एक दिन मांग में सिंदूर भर रही थी. उनको मांग में सिंदूर भरते देख हनुमानजी में माता सीता से मांग में सिंदूर भरने का कारण पूछा, तब माता सीता ने कहा इससे उनके स्वामी प्रेम और स्वामी की लम्बी आयु रहती है | पति के पर्ण की रक्षा भी होती है | 


माता सीता की यह बात सुनकर हनुमानजी वहां रखे केसरिया सिंदूर को अपने पुरे शरीर में लगा लिया और तब से हनुमान जी पर भगवान राम के नाम का सिंदूर चढाया और वंदन किया जाता है |

वैज्ञानिक तथ्य :


सिन्दूर को अगर विज्ञान की दृष्टि से देखें तो ये चन्दन, चूना, मरकरी और हल्दी का मिश्रण है | विज्ञान ये कहता है की ये सारे पदार्थ शरीर के रक्तचाप को सामान्य बनाये रखते हैं और दिमाग को ठंडा रखने में मदद करते हैं | जहाँ एक तरफ सिन्दूर एक स्त्री की नैसर्गिक सुन्दरता को भी उभरता है वही इसके पीछे का विज्ञानं उसी स्त्री के स्वभाव को शांत और संयमशाली बनाता है |



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