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जब हिन्दू धर्म के बारे में जानोगे ये 10 बातें तो सीना गर्व से हो जायेगा चौड़ा | 10 Interesting facts about Hinduism



कर्म की चद्दर को ओढ़ने बिछाने वाला धर्म है हिंदुत्व। इस धर्म में एक तरफ भक्ति, भजन, ईश्वर और मोक्ष की लालसा है तो दूसरी तरफ एक रस्सी पर सूखते कपड़ों जैसा नास्तिकवाद है जो ईश्वर को ढूँढने में समय नहीं गँवाता, वो तो उन कपड़ों जैसा है जो सिर्फ सूरज की रोशनी में सूखना जानते है। हिन्दू धर्म मूर्तिपूजा, आरती, किसी की सेवा,पूजा करने से कहीं ऊपर है। हिंदुत्व योग है और इसका पालन करने वाला योगी। तो आइये आपको इस अनंत और शाश्वत धर्म के कुछ अनसुने पहलुओं से अवगत कराये।

1. हिन्दू धर्म विश्व का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है :


ईस्लाम और ईसाई धर्म के बाद पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा पालन किया जाने वाला धर्म हिन्दू है और उससे भी ज्यादा रोचक बात ये है की इस धर्म का पालन करने वाली 95% जनसंख्या सिर्फ हमारे भारत वर्ष में रहती है। 

2.हिन्दू धर्म में 4 समय चक्र है :


अगर आप किसी हिन्दू से पूछेंगे की राम और कृष्ण कब पैदा हुए थे तो उनका जवाब होगा हजारों साल पहले, पर असल में इन हजारों साल का कोई मतलब नहीं क्योंकि हिन्दू धर्म समय चक्र की बात करता है जबकि पश्चिम में समय एक रेखिक राशि है। हिन्दू धर्म में सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलयुग की बात कही गयी है और कलयुग के बाद ये चक्र फिर दोबारा सतयुग से शुरू होगा। 

3. हिन्दू धर्म सबसे प्राचीन धर्म है:  

हिन्दू धर्म विश्व का सबसे पुराना धर्म माना गया है क्योंकि इस धर्म के पास दुनिया का सबसे पुराना लिखित ग्रन्थ है। ऋग वेद हिन्दू धर्म का सबसे पुराना ग्रन्थ है और इसके लिखने की पुष्टि 3800 वर्ष पुराणी की गयी है। 

4.अन्य धर्मों में धन की पूजा नहीं होती सिवाय हिन्दू धर्म के :

अगर हम हिन्दू धर्म को छोड़कर बात करें तो अन्य किसी भी धर्म में धन संपत्ति के पीछे भागने को पाप की दृष्टि से देखा जाता है पर सिर्फ हिन्दू ही एक ऐसा धर्म है जहाँ धन की देवी लक्ष्मी है और जहाँ कुबेर की पूजा की जाती है। 

5. काम, अर्थ, धर्म, मोक्ष :

हिन्दू धर्म में 4 स्तर की पदानुक्रम है :
काम : आनंद और आमोद की इक्षा 
अर्थ  : जीवन के उद्देश्य और धन शक्ति की खोज 
धर्म  : दर्शन और कर्तव्य से समाज परिवर्तन 
मोक्ष : संसार के मायाजाल से मुक्ति 
हिन्दू धर्म के ये 4 स्तर पूंजीवाद की समझ रखने वाले महँ खोजी मस्लोव (Maslow) की बनायीं हुई पदानुक्रम से हुबहू मिलते हैं। 

6. हिन्दू धर्म से ही निकले हैं ये 2 बड़े धर्म :

हिन्दू धर्म की प्रेरणा से ही दुनिया के कई हिस्सों में पालन किये जाने वाले सिख धर्म और बुद्ध धर्म पैदा हुए है। दोनों ही धर्म के प्रवर्तक पहले हिन्दू धर्म से ही प्रभावित हुए और फिर हिन्दू धर्म की ही प्रेरणा से उन्होंने अपने अपने धर्मों का प्रचार विश्व के अन्य हिस्सों में किया। 

7. 108 अंक का ये है असली सच : 

हिन्दू धर्म में अति भाग्यशाली माने जाने वाले अंक 108 की असल में एक वैज्ञानिक तथ्य भी है। सूर्य से धरती की दूरी और चन्द्रमा से धरती की दूरी का अनुपात 108 होता है। इसीलिए हिन्दू धर्म की मालाओं में हमेशा 108 दाने होते है जिनकी पूजा करने से पूरे ब्रह्मांड की परिक्रमा करने जितना लाभ होता है।

8. कौन है हिन्दू धर्म का संस्थापक :

जैसा की बाकी धर्मों में है की हर धर्म की स्थापना किसी न किसी ने की है जैसे की इस्लाम की स्थापना मोहम्मद साहब ने की या ईसाई धर्म की स्थापना प्रभु यीशु ने की पर हिन्दू धर्म में ऐसा कोई नहीं है। हिन्दू धर्म की अनादी और अनंत है। 

9. किसी भी समय कर सकते है भगवान का भजन :  

हिन्दू धर्म अपने अनुयायी को किसी भी समय मंदिर आने जाने की आज़ादी देता है। जहाँ चर्च और मस्जिद में नमाज और प्रार्थना का समय पहले से ही निर्धारित है और पक्का है वही मंदिर जाकर पूजा करने के लिए किसी विशेष समय की आवश्यकता नहीं है। 

10. अंकोर वाट मंदिर :




हिन्दू धर्म की सबसे बड़ी आध्यात्मिक ईमारत अंकोर वाट मंदिर कम्बोडिया में स्थित है जिसे दक्षिण-पूर्व एशिया के राजा ने आज से कई वर्ष पूर्व बनवाया था। 



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