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हनुमान जयंती पर पवनपुत्र की ये 3 अनोखी बातें पढ़कर मन गदगद हो जायेगा आपका | Read this 3 surprising Stories of Lord Hanuman



*यह आर्टिकल राखी सोनी द्वारा लिखा गया है। 


कहा जाता है कि इस कलियुम में सिर्फ हनुमान भक्ति ही जो भक्तों को उनके पापों से मुक्ति दिलाकर सुख-सुविधा के रास्ते खोल सकती है। हनुमान जी के बारे में हम बहुत सी बातों को जानते हैं। जैसे वो एक सच्चे भक्त थे, उन्होंने अपनी छोटी सी पूंछ से लंका को जला दिया, लक्ष्मण को जीवित करने के लिए वे संजीवनी बूटी लेकर आए थे, लेकिन रामभक्त हनुमान की कुछ ऐसी रहस्यमय बातें भी है, जिनके बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे। हनुमान जयंती के अवसर पर आइए जाने रामभक्त हनुमान की कुछ रहस्यमय बातें।


1. रंग डाला खुद को सिंदूर से :


एक दिन हनुमान जी ने देखा कि माता सीता अपनी मांग में सिंदूर लगा रही थी, तो उन्होंने उनसे पूछा कि वे सिंदूर क्यों लगा रही है, इस पर माता सीता ने कहा कि वे अपने पति श्री राम की लम्बी आयु के लिए सिंदूर लगाती है। जब ये बात हनुमान जी को पता चली तो उन्होंने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया।

2. इसलिए पड़ा नाम हनुमान :


हनुमान जी भगवान शंकर के अवतार थे। वैसे तो उनके कई नाम थे, लेकिन उनका नाम हनुमान उनकी ठोड़ी के आकार की वजह से पड़ा। संस्कृत में हनुमान का मतलब बिगड़ी हुई ठोड़ी से होता है।

3.रामजी ने सुनाई मौत की सजा :


एक बार राम जी के गुरु विश्वामित्र हनुमान जी पर गुस्सा हो गया। उन्होंने श्री राम से हनुमान जी का वध करने को कहा। अपनी गुरु की बात को वे मना भी नहीं कर सकते थे। इसलिए जब श्री राम ने हनुमान जी पर बाण चलाए तो वे सारे विफल हो गए, क्योंकि उस समय भी हनुमान जी राम भक्त में लीन थे।

और कुछ खास बातें :


  • हनुमान और भीम में खास रिश्ता थे। हनुमान जी भीम के भाई थे, क्योंकि भीम भी पवनपुत्र थे। 
  • जब श्रीराम की मृत्यु का समय नजदीक आ गया था तो उन्होंने हनुमान जी पाताल लोक भेज दिया, क्योंकि वे जानते थे कि हनुमान इस दर्द को सहन नहीं कर पाएंगे। 
  • एक बार माता सीता ने  हनुमान जी को कीमती हार भेंट किया, लेकिन हनुमान जी ने उसे लेने से मना कर दिया। इस बात से माता सीता काफी गुस्सा हो गई, लेकिन फिर हनुमान जी ने अपने छाती फाड़कर दिखाई, जिसमें श्री राम विराजमान थे। उन्होंने कहा कि उन्हें दिल में श्री राम बसते है, उन्हें इन कीमती आभूषणों की जरूरत नहीं है। 
  • आंध्रप्रदेश में रामभक्त हनुमान का एक मंदिर भी है, जहां वे गृहस्थ जीवन में पूजे-जाते हैं। 



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