Diwali 2016

Significance Of Dhanteras 2016 | धनतेरस त्यौहार मानाने का महत्व



हिन्दू धर्म में दिवाली का त्यौहार बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है । दिवाली का यह पर्व पुरे ५ दिन तक चलता है जो कि धनतेरस से शुरू होता है और भाई दूज तक चलता है । इन ५ दिनों में सबके घर में पूजा की जाती है और बड़े ही धूम धाम और मस्ती के साथ ये त्यौहार मनाया जाता है । इस त्यौहार पर घर के बच्चे से लेकर बड़े तक खुशिया मनाते है । ये ५ दिन का त्यौहार - धनतेरस पूजा, छोटी दिवाली , बड़ी दिवाली , गोवर्धन पूजा और सबसे अंत में भैया दूज मनाया जाता है । आज हम धनतेरस पर्व के बारे में बात करेंगे और बतायगे कि ये त्यौहार किसलिये मनाया जाता है और कैसे मनाया जाता है । 


धनतेरस का महत्व । Significance Of Dhanteras Festival

हिन्दू धर्म में धनतेरस का त्यौहार पुरे भारत वर्ष में बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है । यह पर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है । पौराणिक कथाओ के अनुसार कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन ही भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था , इसलिए इस दिन को धनतेरस के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवन धन्वंतरि समुंद मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है और भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद  का जनक माना जाता है ।  इस दिन आयु और स्वास्थ्य की कामना के लिए भी पूजा की जाती है । 

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इस दिन सब अपने अपने घर में नई चीजें लाते है । कुछ लोग अपने घर में बर्तन लाते है क्योंकि ऐसा बताया जाता है की कुछ नयी चीज लाने से उसमे बहुत गुणा ज्यादा वृद्वि होती है । धनतेरस के दिन चांदी खरीदने की भी परम्परा है । ऐसा बताया जाता है कि यह चंद्रमा का प्रतीक है जो हमे शीतलता प्रदान करता है और जिसके पास संतोष है वही सबसे ज्यादा स्वस्थ और सुखी है और सबसे बड़ा धनवान है । इस दिन लक्षमी गणेश भी घर में लाते है और रात में उनकी पूजा की जाती है । ऐसा बताया गया है कि मन से पूजा की जाये तो लक्षमी का वास भी हो जाता है । 


धनतेरस त्यौहार को कैसे मनाएं । How we Celebrate Dhanteras Festival

धनतेरस त्यौहार घर में ख़ुशी लाने का त्यौहार है । इस दिन घर के सारे लोग एक जगह बैठकर पूजा करते है और अपने घर को स्वस्थ और सुखी रहने के कामना करते है । चलो देखते है इस दिन क्या क्या करना चाहिए और क्या नही करना चाहिए :
  • इस दिन आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। 
  • शायंकाल में दीपक जलाकर घर और दुकान को सजाया जाता है । 
  • इस दिन घर में नए बर्तन या चांदी सोना  का सामान घर में लाना चाहिए । 
  • नई झाड़ू खरीदना इस दिन शुभ माना जाता है ।
  • इस दिन घर में नया सामान लाना शुभ माना जाता है , कुछ लोग धनतेरस के दिन नयी कार और अपनी जरुरत का सामान लाते है । 

धनतेरस २०१६ पूजा महुर्त । Dhanteras 2016 Pooja Timing 

धनतेरस की पूजा शुभ समय में ही करनी चाहिए । इस वर्ष धनतेरस का त्यौहार २८ अक्टूबर २०१६ को मनाया जायगा और अब हम पूजा महूर्त पर बात करेंगे । 

तिथि : २८ अक्टूबर २०१६ 
पूजा महूर्त : शाम ०६:०५ से ०८:०१ तक 




हमारे मंगलमूर्ति परिवार की तरफ से आपको और आपके परिवार को धनतेरस और दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं । आपका दिन मंगलमय हो । हम आशा करते है हमारे द्वारा दी गयी जानकारी आपको पसंद आयगी । आप इस जानकारी को अपने परिवार तक भेज सकते है । और अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट www.mangalmurti.in पर जा सकते है और पूरी जानकारी ले सकते है ।  



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