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अब नये साल में इन 5 पुरानी आदतों को ज़रूर छोड़ देना | 5 bad Habits that you shouldn't do from next year



पता नहीं आपको याद है या नहीं पर मुझे तो अब भी वो किस्से जैसे कल बीते हों, ऐसे लगते हैं | हर बार नया साल आने पर, मम्मी से घंटो चिरौरी करने के बाद एक छोटा सा फंड मंज़ूर होता था जिससे हम अपने बचपन वाले बेस्ट फ्रेंड को ग्रीटिंग कार्ड खरीद कर देते थे | जहाँ भर की सूझ बूझ झोंकने के बाद कहीं से 4 लाइन टीप कर छापना उस ग्रीटिंग का शगुन होता था | फिर ना जाने कितने संकल्प लिये जाते थे की आज से ये नहीं करेंगे और कल से ये शुरू करेंगे, लेकिन आज हमेशा कल पे टाल दिया जाता था और कल कभी आता नहीं था | पर इस साल से कुछ भी कल पे नहीं छोड़ना है, कल का आज और आज का अभी करना है | फिलहाल हम यहाँ आपको सिर्फ 5 आदतों को छोड़ने को कह रहे, सिर्फ 5 |

1. गहरा सोचिये ज्यादा नहीं :

जो 2016 में जो सबसे ज्यादा किया होगा आपने वो होगा सोचना | नयी नौकरी के लिए सोचना, कॉलेज के प्रोजेक्ट के लिए सोचना, बेटी के दहेज़ के लिए सोचना, शुगर से परहेज़ के लिए सोचना | सोचना की सोचते ही रहे, की कभी सोचना बंद ही न हो | पर इतना सोचने से मिला क्या आपको ? उम्मीदें बढ़ गयी, जहाँ सिर्फ 5 पैसे का फायदा होना था वहाँ उस फायदे को 50 रूपए  सोच लिया | नतीजा; आपने मेहनत की, अपना खून पसीना एक किया, पर आपने ज्यादा सोच सोच कर चीजों को मथ दिया और जो फल निकलना था उसकी बजाय आपको फलस्वरूप आपका डर मिला | आपके इस ज्यादा सोचने की परेशानी ने आपकी मेहनत, हुनर और दम पर पानी फेर दिया |

तो आइंदा से सिर्फ वही सोचियेगा जो आपकी मंजिल है ना की जो मंजिज़ की मुश्किलें हैं |

2. नेगेटिव छोड़िये, पॉजिटिव चुनिये :

किसी भी बैटरी को अगर कभी आपने ध्यान से देखा होगा तो उसपर + और - का चिन्ह अलग-अलग सिरों पर बना होता है | ये इस बात को दर्शाता है की अगर आपको अपना बल्ब जलाना है तो आपको बल्ब के एक सिरे को नेगेटिव और दुसरे को पॉजिटिव से जोड़ना पड़ेगा | अगर आप दोनों सिरों को एक ही जगह लगा दो तो बल्ब कभी नहीं जलेगा | ठीक इसी तरह हमारा सोचने का तरीका भी काम करता है | अगर हम सिर्फ और सिर्फ नेगेटिव बातों को ही सोचेंगे और उन्हें बढ़ावा देंगे तो हमारे खुशियों का बल्ब कभी नहीं जलेगा | इसीलिए हमें ज्यादा से ज्यादा पॉजिटिव बातें सोचनी पड़ेंगी |


आप अपना चरित्र अपनी सोच से बनाते हो, और सिर्फ सकारात्मक सोच ही सृजनात्मक होती है |

3. एक समय पर एक ही काम करें :

आपने शक्तिमान, सुपरमैन, और ना जाने कितने शक्तिशाली सुपर हीरो को अपनी प्रेरणा बना लिया है | ऐसा करना कोई बुरी बात नहीं पर बुरा क्या है पता है ? बुरा है उनकी उस आदत को ना अपनाना जो की आपको सबसे पहले करना चाहिये था | आपको ढृढ़ निश्चयी बनना था पर आप सुपर हीरो की मल्टी टास्किंग के झांसे में आ गये | आपको लगने लगा की आप दुनिया का हर काम कर सकते हैं | ठीक है ये बात, आप कर सकते हैं पर एक वक़्त पर सिर्फ एक | आप अगर दुनिया भर के काम एक साथ शुरू कर देंगे तो किसी एक काम को भी उस ख़ूबसूरती से खत्म नहीं कर पाएंगे जिस ख़ूबसूरती से उसे अकेले करते |

क्या आपने कभी किसी नाचते बंदर को अमरुद से जग्लिंग करते हुए खाना खाते देखा है ?

4. समय बचा के गँवाना छोड़ दे :

कॉलेज के दिनों में एक दोस्त हुआ करते थे मेरे, मिश्रा जी | अगर कोई लड़का था जो शर्मा जी के बालक को पछाड़ सकता था तो वो थे मिश्रा जी | मिश्रा जी में आम्विश्वास था, अन्तःबल था, वो सही सोचते थे, एक समय पर एक ही काम करते थे, कोई बुरी आदत नहीं थी, पर बस एक कमी थी उनमे | वो समय बचा के उसे भस्म करते थे | कभी चौराहे से दूसरी बस नहीं पकड़ी क्योंकि वो पहली बस के बाद ही घर पहुचाती और वो लेट हो जाते और उनका समय नष्ट हो जाता | पर भरी हुई बस में चढ़ के, दुनिया भर के धक्के खाने के बाद जब वो घर पहुचे तो आते ही फ़ोन पे लग गए, फ़ोन फेंका तो टी.वी का रिमोट उठा लिया और वहाँ से खाली हुए तो पेट भर भोजन हूर के कम्बल तान के सो गए | इसे कहते हैं समय बचा के गँवाना | आप 2017 में ऐसा करने से बचिए | अपने बचाए हुए समय को कुछ अच्छा इजात करने में लगाये |

समय बचा के गँवाने वाले सीधे समय गँवाने वालों से ज्यादा हानिकारक होते हैं |

5. कम्फर्ट वाली कम्बल फेंक दो :

अच्छी सेहत हो चाहे सटीक दिमाग आपको उसे बनाने के लिए वक़्त देना होगा और वक़्त आज के वक़्त में थोड़ा कम है सबके पास | आपको याद होगा की कैसे आपने 2016 में हर बात को सिर्फ वक़्त की ढाल से झुका दिया | 
"चलो यार कल से जिम चलेंगे"; "टाइम नहीं है यार"
"चलो कल से किताब पढेंगे"; "कौन रात जाग के पढ़े छोड़ो" 
"कुछ तो करो भाई"; "ज़रुरत क्या है भैया?"
हर सवाल का जवाब हम इस कम्फर्ट की कम्बल से धक् लेते हैं | इस साल से हमें ये नहीं करना है | खुल के सामने आना हैं, और उन सारी अधूरी कहानियों को पूरा करना है जो हमने सिर्फ सुबह 5 बजे ना उठने के डर से पूरी नहीं की |

सोते हुए सोना सिर्फ सपनो में ही कमाया जा सकता है | असल सोना तो जाग के ही पाया जा सकता है |



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