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अगर ये 5 प्रकार की मूर्तियाँ, आपके घर में हैं तो उन्हें तुरंत हटा दें | 5 Types of idols that shouldn't be present in your home



हिन्दू धर्म जितना सनातन है उतना ही अपनी पारंपरिक जड़ों से जुड़ा है | ये धर्म जहाँ आपको अपने भगवान को किसी भी रूप में पूजने की स्वतंत्रता देता है वहीँ आपको ऐसी भक्ति से रोकता भी है जो आपको ही नुकसान पहुँचाती है | आप ये तो जानते ही होंगे की हिन्दू धर्म में मूर्ति पूजा बहुत ही प्रचलित है, पर कुछ देवी-देवताओं की ऐसी कुछ मूर्तियाँ भी है जिन्हें घर में स्थपित कर उनकी पूजा करना लाभप्रद से ज्यादा हानिकारक है | तो आइये आज के विशेषांक में हम आपको बताते हैं की ऐसी कौन सी मूर्तियाँ है जिनको घर में रखने से हमेशा अशांति, हार और दरिद्रता आती है |


1. लक्ष्मी जी की खड़ी अवस्था में मूर्ति :

लक्ष्मी जी की पूजा तो हर घर में होती है पर आमतौर पर जहाँ लोग गलती कर देते हैं वो उनकी मूर्ति का चुनाव करने में | आप कभी बाज़ार में अपनी मम्मी के साथ मूर्ति खरीदने अगर गए होंगे तो आपने देखा होगा की वो कभी भी लक्ष्मी जी की खड़ी मुद्रा में मूर्ति नहीं खरीदती थी | वो हमेशा लक्ष्मी जी की आसन पे विराजमान मुद्रा में रखी हुई मूर्ति ही घर लाती थी | 


कारण : बगैर आसन वाली मूर्ति रखना माता लक्ष्मी का अपमान है जिसकी वजह से घर मेंकभी भी धन की स्थिरता नहीं रहती |

2. नटराज की मूर्ति : 

आपने अक्सर लोगो के बैठक में दुनिया भर की तस्वीरों के बीच अलमारी पर रखी भगवान शंकर के नटराज स्वरुप की मूर्ति को देखा होगा | हम सभी को लगता है की ये मूर्ति हमारे कमरे की शोभा वृद्धि कर रही है पर असल में ये भगवान शिव का वो स्वरुप है जो उन्होंने माँ सती के आत्मदाह के बाद धरा था | 


वो दुःख और रोष से भरकर तांडव कर रहे थे | तो फिर भगवान के ऐसे स्वरुप को को गृह शोभा के लिये प्रयोग करना कुछ हद तक गलत है |

3. शनि देव की मूर्ति :

क्या आपने शनि देव की मूर्ति किसी के घर में देखि है ? आमतौर पर नहीं | पर कुछ लोग फिर भी शनि भगवान की मूर्ति को अपने घर में स्थापित करके उनकी पूजा करते है इस आस में की शनि उनके मित्र बन जायेंगे | पर शनि देव की असल पूजा सिर्फ मंदिर और खुले स्थान पर की जाती है | 


बंद स्थान में शनि देव को पूजने से घर में अशांति और क्लेश का प्रवेश होता है | तो अगर आगे से आप किस के घर शनि देव की मूर्ति देखे तो उनको इस तथ्य के बारे में बताये |

4. माँ दुर्गा की विध्वंसक रूप वाली मूर्ति :

हिन्दुस्तान में माँ दुर्गा की पूजा हर घर में होती है | साल में 2 बार नवरात्र आते है जब घर-घर में माँ दुर्गा की अखंड मूर्ति स्थापित की जाती है | माँ दुर्गा भी अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करती और उनको देर-सवेर उनकी मनोकामना पूर्ण करती हैं | 


पर इन सब के बीच जो तथ्य परदे के पीछे रह जाता है वो ये है की हमें कभी भी माँ दुर्गा की उनके विध्वंसक स्वरुप में उपलब्ध मूर्ति को अपने घर में स्थापित नहीं करना चाहिए | ऐसी मूर्ति की वजह से हमेशा घर में झगड़े रहते हैं और कभी शांति नहीं हो पाती |

5. काल भैरव की मूर्ति :

कभी भूल से भी आप काल भैरव की मूर्ति अपने घर में स्थापित ना करें क्योंकि काल भैरव की पूजा मुख्यतः तंत्र-मंत्र प्रेत बाधा के निवारण के लिये की जाती है जिस वजह से अनचाहे रूप में ये सारी नकारात्मक शक्तियाँ आपके घर में प्रवेश पा जाती है और आपकी शक्ति और शांति का नाश कर देती हैं | 

भगवान शंकर के रूद्र अवतार होने के बाद भी काल भैरव की पूजा घर में करना गृहस्तों के लिये वर्जित है | 



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