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एक कहानी ये भी : वाहन चालकों की रक्षा करते हैं बुलेट बाबा | An interesting story of Bullet Baba



*यह आर्टिकल राखी सोनी द्वारा लिखा गया है 

रोचक घटना का व्याख्यान :


मंदिरों में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना होते हुए तो आपने देखा ही होगा, लेकिन क्या कभी किसी मंदिर में बाइक की पूजा होती हुई देखी है। बाइक भी कोई साधारण नहीं बल्कि बुलेट बाइक। ये सिर्फ काल्पनिक बात नहीं है, बल्कि हकीकत है। दरअसल राजस्थान के पाली जिले के हाईवे पर चोटिला गांव के समीप बुलेट बाबा का मंदिर है, जहां हर रोज स्थानीय निवासी व आने-जाने वाले वाहन चालक अपना माथा टेकते हुए नजर आते हैं, जिससे उनकी यात्रा सुखद हो सके। ये मंदिर हाईवे पर स्थित है, जहां से हर दिन काफी संख्या में राहगीर गुजरते हैं, वे भी इस जगह से बिना सिर झुकाए नहीं निकलते हैं। लोगों का मानना है कि बुलेट बाबा लोगों को सड़क हादसे से बचाते हैं।

ओम बन्ना का मंदिर :


इस मंदिर का निर्माण क्यों हुआ, इसके पीछे भी एक रोचक कहानी है। पाली जिले के चोटिला गांव में ठाकुर ओम सिंह रहते थे, उन्हें बुलेट की सवारी करने का शौक था। सन १९८८ में वो इसी जगह दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। इस हादसे में उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि उनकी मौत के बाद उनकी बाइक को पुलिसकर्मियों ने थाने भेज दिया था। लेकिन कुछ ही समय बाद बाइक वहां से गायब हो गई। इसके बाद फिर से पुलिसकर्मियों ने बाइक को थाने भेजा और उसे जंजीरों से बांध दिया, लेकिन सुबह उठकर पुलिस वाले उस जगह पर गए तो वो बाइक वहां से फिर से गायब हो गई। बाइक फिर से उसी जगह पर पहुंच गई, जहां ओम बना की मृत्यु हुई थी। बार-बार ये घटना होने से पुलिस वालों ने   इस बुलेट मोटरसाइकिल को पेड़ के नीचे ही रख दिया। बाइके के पास ही एक चबुतरा बना दिया, ओम बना की फोटो लगा हुई है। स्थानीय निवासी हर रोज ओम बना और इस बाइक की प्रतिदिन पूजा अर्चना करते हैं। प्रसाद और चुनरी चढ़ाते हैं। यहां एक अखंड ज्योत भी जलती है।

नहीं हुई कोई दुर्घटना :



लोगों का कहना है कि पहले इस मार्ग पर काफी दुर्घटना हुआ करती थी, आए दिन लोग हादसे में अपनी जान गंवा बैठते थे, लेकिन जब से ये मंदिर बना है,उसके  बाद अब तक इस क्षेत्र में कोई दुर्घटना नहीं हुई है। बताया जाता है कि रात के समय के कई वाहन चालकों को ओम सिंह दुर्घटना से सावधान करते दिखाई देते हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति दुर्घटना का शिकार नहीं हो। उनकी आत्मा लोगों के बचाने के लिए हमेशा आगे रहती है। इस वजह से यहां से गुजरने वाला हर व्यक्ति उनके आगे माथा जरूर टेकता है। गांव वालों का कहना है कि ओम बना काफी नेक इंसान थे। इसलिए वे मरने के बाद भी लोगों की सेवा कर रहे हैं। खास बात ये है कि यहां सिर्फ स्थानीय निवासी ही नहीं बल्कि पुलिस कर्मी भी अपना सिर झुकाते हुए नजर आते हैं।



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