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क्योंकि जो समाज अपने मजदूरों की इज्ज़त नहीं करता वो कभी ईंट-ईंट जुड़ के ईमारत नहीं बन सकता | A story on International Labours' Day



*यह आर्टिकल राखी सोनी द्वारा लिखा गया है। 

मजदूरों के सम्मान के लिए मजदूर दिवस :


मजदूरों के सम्मान के लिए और श्रमिक संघ को प्रचारित और बढ़ावा देने के लिए हर साल पूरे विश्व में एक मई को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में आयोजित किया जाता है। ये दिन खासकर मजदूरों को समर्पित होता है, इसलिए इसे मजदूर दिवस और मई दिवस के नाम से भी जाना जाता है।

ऐसे हुई इस दिन की शुरुआत :


अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस को मनाने की शुरुआत 1 मई सन 1886 से हुई थी। जब अमेरिका की मजदूर यूनिअनों ने अपने काम का समय 8 घंटे से ज्यादा न रखे जाने के लिए हड़ताल की थी। तब से यह पूरे विश्व में इस दिन को मनाया जाता है। इससे पूर्व में मजदूरों की कार्य करने की स्थिति बहुत ही कष्टदायक थी। तब मजदूरों को सोलह घंटों तक काम करना पड़ता है। कार्य अवधि ज्यादा होने की वजह से मजदूरों को आए दिन चोट लग जाती थी और उनकी कार्यस्थल पर मौत तक हो जाती थी। इतना ही नहीं, काम की अवधि अधिक होने की वजह से मजदूर हमेशा तनाव में घिरा रहता था,जिससे वे कई तरह की बीमारियों की चपेट में भी आ जाता था।   इसलिए इस दिन की शुरुआत की गई और कार्य की अवधि आठ घंटे रखी गई।


अधिक से अधिक लोग इस दिन के महत्व को समझ सके, इसलिऐ कई टीवी चैनलों और प्रिंट मीडिया में इस दिन का महत्व बताया जताा है। इस दिन को मनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन के द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।  इस दिन का अपने विशेष महत्व है। इसलिए ये दिन पूरे विश्व एक ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है। 



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