Hinduism

भूलकर भी अपने लाइफ पाटर्नर के साथ न करें इस मंदिर में दर्शन | Never visit this temple with your life partner



*यह आर्टिकल राखी सोनी द्वारा लिखा गया है।


हमारे देश में कई ऐसे मंदिर है, जहां पति-पत्नी को साथ में जाने की सलाह दी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि इन मंदिर में अगर पति-पत्नी साथ में पूजा अर्चना करते हैं ,तो उनके बीच हमेशा प्यार बना रहता है। जबकि एक मंदिर ऐसा भी है, जहां अगर आप अपने लाइफ पार्टनर के साथ भगवान के दर्शन करने पहुंच गए तो आपका वैवाहिक जीवन खतरे में पड़ सकता है। इतना ही नहीं आपका तलाक भी हो सकता है। ये मजाक नहीं बल्कि हकीकत है। ये मंदिर हिमाचल प्रदेश में स्थित है। शिमला के रामपुर नामक स्थान पर स्थित मां दुर्गा के मंदिर में पति और पत्नी को एक साथ पूजन और दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन करने पर पूरी तरह से रोक है। इसलिए जो भी दपंती इस मंदिर में दर्शन के लिए जाता है, वे अलग-अलग जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो भी जोड़ा इस बात को नजर अंदाज करता है, उसे भविष्य में कई खतरनाक प्रभाव देखने को मिलते हैं। उनकी वैवाहिक जिन्दगी में दरार तक आ जाती है। यह मंदिर श्राई कोटि माता के नाम से पूरे हिमाचल में प्रसिद्ध है। हर साल यहां काफी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं।

ये है कथा :


इस मंदिर में पति-पत्नी क्यों एक साथ दर्शन नहीं कर सकते हैं। इसके पीछे भी एक अनोखी कथा है। बताया जाता है कि भगवान भोलेनाथ ने एक बार अपने दोनों पुत्र गणेश और कार्तिकेय को पूरे ब्राह्मंड का चक्कर लगाने को कहा। उन्हें कहा कि जो भी पहले चक्कर लगाकर आएगा, उसका विवाह पहले होगा। कार्तिकेय तो अपने वाहन पर बैठकर भ्रमण पर चले गए, लेकिन गणेश जी माता पार्वती और शिव जी के चक्कर लगाने लगे है। गणेशजी ने माता-पिता के चक्कर लगा कर ही यह कह दिया था कि माता-पिता के चरणों मैं ही ब्रह्मांड है। इसके बाद कार्तिकेयजी ब्रह्मांड का चक्कर लगाकर आए तब तक गणेश जी का विवाह हो गया था। इस बात से कार्तिकेय को काफी गुस्सा आया और उन्होंने कभी विवाह न करने का संकल्प लिया। श्राईकोटी में दरवाजे पर आज भी गणेश जी सपत्नीक स्थापित हैं। कार्तिकेयजी के विवाह न करने के प्रण से माता पार्वती बहुत रुष्ट हुई थी। उन्होंने कहा कि जो भी पति-पत्नी यहां उनके दर्शन करेंगे वह एक दूसरे से अलग हो जाएंगे। इस कारण आज भी यहां पति-पत्नी एक साथ पूजा नहीं करते। इसलिए इस मंदिर में पति-पत्नी कभी भी एक साथ दर्शन नहीं करते हैं।

काफी संख्या में आते हैं टूरिस्ट :


ये मंदिर प्रकृति की गोद में स्थापित है। यहां न सिर्फ भक्त बल्कि सैलानी भी काफी संख्या में आते हैं। जब भी कोई दपंती यहां आता है तो उसके विशेष निर्देश दिए जाते हैं कि वे एक साथ इस मंदिर में दर्शन न करें।



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