Hinduism

इन आसान नियमों से कीजिए पूजा-अर्चना, हर मनोकामना होगी शीघ्र पूरी | How to worship ideally?



*यह आर्टिकल राखी सोनी द्वारा लिखा गया है। 

शायद ही ऐसा कोई घर होगा जहां पूजा घर न हो। बचपन से ही हमें भगवान के प्रति श्रद्धा का भाव जगाया जाता है। प्रत्येक माता-पिता अपने बच्चों को देवी-देवाताओं के बारे में जानकारी देते हैं। उनसे जुड़े किस्से-कहानियां सुनाते हैं। वैसे तो हर कोई व्यक्ति सुबह उठकर नित्य क्रियाओं के बाद भगवान की पूजा-अर्चना करता है। लेकिन बहुत कम लोगों को इस बारे में जानकारी होगी कि पूजा-अर्चना करने के भी कुछ नियम होते हैं। अगर हम नियमों का पालन करते हुए ईश्वर की भक्ति करते हैं, तो हम पर हर वक्त ईश्वर की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि और लक्ष्मी का वास भी होता है।

इन्हें न चढ़ाएं तुलसी :

तुलसी का पत्ता बिना स्नान करें नहीं तोडऩा चाहिए। एक बात का ध्यान रखें कि तुलसी का पत्ता गणेश जी, शिवजी और भैरवजी को अर्पण नहीं करना चाहिए। तुलसी रविवार, एकादशी और संध्याकालीन को नहीं तोडऩी चाहिए। वरना इससे व्यक्ति पाप का भागी बनता है। मां दुर्गा को दुर्वा (घास) अर्पित नहीं करनी चाहिए, जबकि गणेश जी को दुर्वा अतिप्रिय है। इसलिए बुधवार को उन्हें दुर्वा अर्पित करनी चाहिए। ध्यान रखें कि दुर्वा को रविवार को गणेशजी के अर्पित नहीं करना चाहिए।

पूजन करते समय :


पूजन करते समय मुंह को पूर्व और उत्तर दिशा की तरफ रखना चाहिए। वैसे तो १२ बजे से पहले पूजा करनी चाहिए, लेकिन सुबह ६ से ८ बजे का समय पूजा करने का सही समय होता है। प्रतिदिन पूजन करते समय गणेश जी, शिव जी, मां दुर्गा, विष्णुजी और सूर्य भगवान का स्मरण जरूर करना चाहिए। इससे शीघ्र मनोकामना पूर्ण होती है। कभी भी जमीन पर बैठकर पूजा नहीं करनी चाहिए। आसन पर बैठकर पूजा करनी चाहिए। पूजा अर्चना करने के बाद उसी जगह पर खड़े होकर तीन परिक्रमा भी लगानी चाहिए।

सुबह-शाम जलाएं दीपक :

सुबह-शाम दीपक जरूर जलाना चाहिए। एक दीपक घी का और दूसरा तेल का होना चाहिए। कभी भी दीपक से दीपक नहीं जलाना चाहिए। इससे आप कई बीमारी की चपेट में आ सकते हंै। पूजा घर में माता-पिता और पितरों की फोटो नहीं रखनी चाहिए। इसके साथ ही पूजा घर के ऊपर भी सामान नहीं रखना चाहिए। रात को सोते समय मंदिर में पर्दा जरूर लगाना चाहिए। पूजा करते समय घंटी जरूर बजानी चाहिए। इतना ही नहीं, पूरे घर में एक बार घंटी जरूर बजानी चाहिए। इससे नेगेटिव एनर्जी का नाश होता है।

मंदिर ऐसी जगह बनाएं :


घर में मंदिर का निर्माण शौचालय के पास नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही मंदिर का निर्माण ऐसी जगह पर करना चाहिए, जहां दिनभर में थोड़े समय के लिए सूर्य की रोशनी पड़ती हो। बेडरूम में पूजा घर का निर्माण नहीं करना चाहिए। घर के मंदिर में बड़ी नहीं बल्कि छोटी मूर्तियां ही रखनी चाहिए।

गोमूत्र और गंगाजल से करें छिड़काव :

खास अवसर पर सबसे पहले गौमूत्र और उसके बाद गंगाजल से पूरे मंदिर परिसर में छिड़काव जरूर करना चाहिए। इससे घर में ईश्वर की विशेष कृपा होती है। इसके साथ ही साल में एक बार हवन जरूर करना चाहिए। इससे बुरी शक्तियों का नाश होता है और घर में सकारात्मका ऊर्जा का आगमन होता है। 



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